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Friday, January 30, 2015

लाखामण्डल से चकराता- एक खतरनाक सफर

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26 नवम्बर 2014
हमारा दिमाग खराब था कि हमने लाखामण्डल से शाम सवा चार बजे चकराता जाने का फैसला किया। दूरी लगभग 70 किलोमीटर है, सडक सिंगल लेन ही है। पूरा रास्ता पहाडी। इतनी जानकारी हमें थी। जैसे हम कल से पहाडों पर चलते आ रहे थे, ऐसे ही चलते रहें तो तीन घण्टे लगने ही थे जबकि एक घण्टे बाद ही दिन छिपना शुरू हो जायेगा। उसके बाद अन्धेरा। और चकराता भी हम किसलिये जाना चाहते थे? सिर्फ रात रुकने के लिये। हमें कल वहां से सुबह ही दिल्ली के लिये निकल पडना है। यह भी जानते थे कि चकराता में होटल यहां लाखामण्डल के मुकाबले महंगे मिलेंगे, फिर भी बस बिना सोचे समझे निकल पडे।
लाखामण्डल में ही हमें बता दिया गया था कि लाखामण्डल गांव से निकलते ही एक तिराहा आयेगा। आप ऊपर वाली सडक से जाना। हालांकि दोनों ही सडकें आगे गोराघाटी में फिर से मिल जाती हैं लेकिन नीचे वाली सडक खराब है, ऊपर वाली ठीक है। यह हमें बताया गया। यह भी बताया गया कि गोराघाटी के बाद सडक अच्छी बनी है।

Wednesday, January 28, 2015

लाखामण्डल

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आठ बजे सोकर उठे। आज मेरी छुट्टी का आखिरी दिन था। लाखामण्डल यहां से लगभग सवा सौ किलोमीटर दूर है और हम लाखामण्डल जाकर रात होने तक दिल्ली किसी भी हालत में नहीं पहुंच सकते थे। इसलिये लाखामण्डल जाना रद्द कर दिया था। आज के लिये तय था कि मसूरी से देहरादून उतर जायेंगे और फिर आगे अपने घर चले जायेंगे।
लेकिन अब जब चलने की तैयारी करने लगे तो अरुण ने कहा कि एक दिन की ही बात है, लाखामण्डल चलते हैं। मेरे लिये एक दिन की छुट्टी बढवाना कोई मुश्किल नहीं था। सबसे ज्यादा मुश्किल आई सचिन को। उसने पहले ही कह रखा था कि आज शाम तक हर हाल में उसे अपने घर जाना है। हमने उसे अपना निर्णय बताया। उसने पहले तो स्पष्ट मना कर दिया। लेकिन कुछ हमारी काउंसलिंग के बाद वह इस शर्त पर चलने को राजी हो गया कि कल दोपहर तक उसे घर पहुंचना ही पहुंचना है। हम उसकी बात पर राजी हो गये हालांकि जानते थे कि उसे कल भी घर पहुंचने में शाम हो जायेगी।

Monday, January 26, 2015

मोटरसाइकिल यात्रा- ऋषिकेश, नीलकण्ठ और कद्दूखाल

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सवा ग्यारह बजे हम बरनावा से निकल गये। अब हमें सीधे ऋषिकेश जाना था। यहां से सरधना लगभग 20 किलोमीटर है। बरनावा की सीमा से निकलते ही हिण्डन नदी पार की और हम बागपत जिले से मेरठ जिले में प्रवेश कर गये। सडक की जितनी तारीख की जाये, कम है। यूपी में ऐसी सडकें मिलती नहीं हैं। भूनी चौराहा पार करते करते सरधना पांच किलोमीटर रह जाता है। भूनी में मेरठ-शामली सडक इस बडौत-सरधना सडक को काटती है। भूनी से मेरा गांव दबथुवा लगभग 8 किलोमीटर मेरठ रोड पर है।
सरधना में बेतरतीब भीड ने हमारा स्वागत किया। सरधना से भी हमारा गांव आठ किलोमीटर दूर ही है। यहां एक बडा प्रसिद्ध चर्च है। सरधना से इतना नजदीक होने के बावजूद भी मैं आज तक यह चर्च नहीं देख सका। इस बार भी नहीं देखा।
सचिन को गूगल मैप के अनुसार चलने का शौक है। मैं चाहता था कि सरधना से दौराला जाया जाये और फिर नेशनल हाईवे से होते हुए मुजफ्फरनगर और रुडकी होते हुए हरिद्वार। लेकिन सचिन ने कहा कि गंगनहर के रास्ते चलेंगे। मैं इस रास्ते से नहीं जाना चाहता था क्योंकि यह सिंगल रोड है। इस पर अब काफी ट्रैफिक भी रहने लगा है और गन्ने से लदी बुग्गियां व ट्रैक्टर ऐसे रास्तों पर बडा परेशान करते हैं। दौराला के रास्ते आठ-दस किलोमीटर का चक्कर जरूर पडेगा लेकिन ऐसी कोई समस्या नहीं आयेगी। लेकिन सचिन की जिद व अरुण की स्वीकृति के कारण गंगनहर के रास्ते चलने की मंजूरी देनी पडी।

Friday, January 23, 2015

लाक्षागृह, बरनावा

नई बाइक ली और अगले ही दिन लाइसेंस के लिये पहुंच गया लोनी रोड। वहां जो लम्बी लाइन देखी, तत्काल वापस भाग आया। फिर अगले दिन गया कडकडडूमा के पास सूरजमल विहार। यहां बिल्कुल लाइन नहीं थी। मोटरसाइकिल के लाइसेंस की फीस 30 रुपये जमा की और उसी दिन लर्निंग लाइसेंस लेकर लौट आया। अब इन्तजार था कि कब एक महीना पूरा हो और कब मैं परमानेंट लाइसेंस लेने जाऊं। लेकिन इस दौरान मुझे बाइक चलानी भी सीखनी थी। अब से पहले मैंने कभी भी बाइक नहीं चलाई थी। एक महीने बाद जब मैं ड्राइविंग टेस्ट देने पहुंचा तो घबराहट होनी स्वाभाविक थी। मेरे देखते ही देखते कई बाइक वाले असफल भी घोषित हुए।
आखिरकार मैं सफल हुआ। शनिवार 22 नवम्बर को परमानेंट लाइसेंस घर आ गया। अब निश्चित हो गया कि सोमवार को यात्रा पर निकलूंगा। पहले ही बता चुका हूं कि मेरी पहली पैदल हिमालय यात्रा नीलकण्ठ महादेव की थी, पहली साइकिल यात्रा भी नीलकण्ठ की ही थी तो तय कर लिया कि पहली बाइक यात्रा भी नीलकण्ठ की ही होगी। इसे और ज्यादा आकर्षक बनाने के लिये नाम दिया- लाक्षागृह से लाखामण्डल। लाक्षागृह बडौत के पास है और लाखामण्डल चकराता के पास। दोनों की कहानी एक ही है कि कौरवों ने लाख का एक महल बनवाया था और उसमें पाण्डवों को रहने के लिये राजी कर लिया। जब पाण्डव रहने लगे तो कौरवों ने धोखे से उसमें आग लगा दी। पाण्डव किसी तरह सुरंगों के रास्ते बचकर निकले। यही सब देखने के लिये लाक्षागृह और लाखामण्डल जाना था।

Wednesday, January 21, 2015

जांस्कर यात्रा का कुल खर्च

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यह एक बेहद खर्चीली यात्रा रही। इसका खर्च विधान के माध्यम से काफी चर्चा में रहा। मैं बताता हूं हमारा कहां-कहां कितना खर्च हुआ।
दिल्ली से श्रीनगर फ्लाइट खर्च= 4200 रुपये
(विधान और प्रकाश जी दूसरी फ्लाइट से गये थे। उनकी फ्लाइट सस्ती थी। उनके 3000-3000 रुपये के आसपास दिल्ली से श्रीनगर का खर्च आया।)
घर से निकला, शास्त्री पार्क से नई दिल्ली तक मेट्रो से गया, जेब से कुछ नहीं लगा, अपना स्टाफ कार्ड काम करता है। इसके बाद एयरपोर्ट लाइन पर अपना यह कार्ड काम नहीं करता, इसलिये टिकट लेना पडा।

Monday, January 19, 2015

फोटोग्राफी चर्चा- 1

फोटोग्राफी पर चर्चा के लिये मित्रों से फोटो आमन्त्रित किये थे। काफी संख्या में फोटो आये। कुछ फोटो की पिछली डायरियों में चर्चा की थी, बाकी की इस बार कर देते हैं। 
बहुत मुश्कित है किसी के काम में कमियां निकालना। चर्चा के बहाने असल में कमियां ही निकाली जाती हैं। कमी न भी हो, तब भी... जबरदस्ती। असल में जब कोई भी मित्र अपने सैंकडों हजारों फोटो में से दो-चार फोटो भेजेगा तो निश्चित ही वह अपने सर्वोत्तम फोटो ही भेजेगा। इस बात में कोई शक नहीं कि सभी फोटो बेहद शानदार हैं। लेकिन फोटो आमन्त्रित करने का मकसद उन फोटो की वाहवाही करना नहीं है। इस काम का मकसद ही है कमियां निकालना तथा और ज्यादा प्रयोग करने की सलाह देना। मैं सभी मित्रों को यही सलाह देता हूं कि फोटो तो ठीक है लेकिन अगर ऐसा होता तो ये होता, वैसा होता तो वो होता। वास्तव में फोटोग्राफी कैमरे को क्लिक क्लिक करना भर नहीं होता। इसमें आपको बहुत प्रयोग भी करने होते हैं।
लेकिन मुश्किल यही है कि सर्वोत्तम फोटो होने के बाद भी थोडी बहुत कमियां निकाली जायेंगी तो फोटोग्राफर थोडा-बहुत आहत भी होता है। निश्चित ही आहत जरूर होगा। यही सोचकर अब इस काम को बन्द करने का निश्चय कर लिया (नहीं किया) है। 

Friday, January 16, 2015

शिंगो-ला से दिल्ली वापस

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अगले दिन यानी 18 अगस्त को सुबह आठ बजे सोकर उठा। चाय पी, कुछ बिस्कुट खाये और जैम के साथ लद्दाखी रोटी भी। हालांकि अब मैं हिमाचल में था, लाहौल में था लेकिन यह लद्दाख से ज्यादा भिन्न नहीं है। साढे आठ बजे यहां से चल पडा।
आज मुझे अपने बाकी दोनों साथियों से मिलना है। पुरने में जब हम अलग हुए थे, तब यही तय हुआ था कि हम चार दिन बाद दारचा में मिलेंगे। सुबह वे लेह से चले होंगे, मैं यहां से चलूंगा। देखते हैं कौन पहले दारचा पहुंचता है?
लामाजी द्वारा बनवाई जा रही सडक लगभग शिंगो-ला तक पहुंच चुकी है। वह सडक यहां से बस कुछ ही ऊपर थी। नीचे पगडण्डी थी। मुझे अभी भी इतनी थकान थी कि मैं करीब सौ मीटर ऊपर सडक पर नहीं जाना चाहता था। लेकिन इसका भी अपना नुकसान था। ऊपर सडक बनी तो मलबा नीचे तक आ गया था। उससे पगडण्डी भी प्रभावित हुई थी, इसलिये चलने में समस्या आ रही थी। एक बार हिम्मत करके ऊपर सडक तक पहुंच गया और बाकी पैदल यात्रा मजे में कटी।

Wednesday, January 14, 2015

गोम्बोरंजन से शिंगो-ला पार

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आज तारीख थी 17 अगस्त 2014
आपको ध्यान होगा कि मैं पवित्र गोम्बोरंजन पर्वत के नीचे एक अकेले कमरे में सो गया था। रात में एकाध बार आंख भी खुली थी लेकिन मैं चूंकि सुरक्षित स्थान पर था, इसलिये कोई डर नहीं लगा। हां, एकान्त में होने का एक अजीब सा डर तो होता ही है।
साढे सात बजे आंख खुली। कुछ बिस्कुट खाये, पानी पीया, बिस्तर समेटा और सवा आठ बजे तक निकल पडा। अब ऊंचाई बढने लगी थी और रास्ता भी ऊबड खाबड होने लगा था। जिस स्थान पर मैं सोया था, वो जगह समुद्र तल से 4250 मीटर पर थी, अब जल्दी ही 4400 मीटर भी पार हो गया। वैसे तो अभी भी बडी चौडी घाटी सामने थी लेकिन इसमें छोटी छोटी कई धाराओं के कारण रास्ता बिल्कुल किनारे से था जहां बडे-बडे पत्थरों की भरमार थी।
सामने बहुत दूर खच्चरों का एक बडा दल इस घाटी को पार कर रहा था। कैमरे को पूरा जूम करके देखा तो पता चला कि उन पर कुछ राशन लदा है और कुछ लोग पैदल भी चल रहे हैं। निश्चित ही वह एक ट्रेकिंग ग्रुप होगा जो आज लाखांग में रुका होगा। आज शिंगो-ला पार कर लेगा।

Monday, January 12, 2015

पदुम-दारचा ट्रेक- तेंगजे से करग्याक और गोम्बोरंजन

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16 अगस्त 2014
सुबह साढे आठ बजे सोकर उठा। हालांकि रात जब सोने जा रहा था तो दुकान मालकिन से यही कहकर सोया था कि सुबह छह बजे चल पडूंगा। सुबह छह बजे आंख भी खुली थी लेकिन बाहर बूंदाबांदी हो रही थी। मैं फिर सो गया। अबकी उठा तो साढे आठ बज चुके थे और तेज धूप टेंट पर पडने लगी थी। दुकान भी खुल चुकी थी। सरचू जाने वाले विदेशियों के ग्रुप का साजो-सामान उखड चुका था और खच्चरों पर लादा जा रहा था।
मैं तय कार्यक्रम से काफी पीछे था। सुबह सवेरे चलने का मकसद इतना ही था ताकि कुछ समय व दूरी की पूर्ति कर सकूं। परसों शाम तक हर हाल में दारचा पहुंचना है। दारचा में मुझे विधान व प्रकाश जी मिलेंगे, कल ही इस बारे में सबकुछ तय हो गया था। अगर मैं न पहुंचा तो वे दारचा में मेरी प्रतीक्षा करते रह जायेंगे। लेकिन बुरी आदत है देर तक सोने की, सोता ही रह गया।

Friday, January 9, 2015

पदुम- दारचा ट्रेक- पुरने से तेंगजे

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आज देश में स्वतन्त्रता दिवस मनाया जा रहा था और हम जांस्कर के दुर्गमतम स्थान पर छोटे से गांव के छोटे से खेत में तम्बू लगाये पडे सो रहे थे। हमें तिरंगा देखना था और दो घरों के गांव पुरने में इसकी कोई सम्भावना नहीं थी। उम्मीद थी कि आगे बढेंगे तो कहीं किसी बडे गांव में स्कूल मिलेगा और हम तिरंगा देख सकेंगे।
आगे बढने से पहले थोडा सा भूतकाल में लौटते हैं। कल की बात है। जब हम फुकताल से पुरने आये तो हमें घोडे वाला मिला। यह वही घोडे वाला था जो हमें परसों शाम अनमो से चा के रास्ते में मिला था और हमने उसे सुबह पुरने में मिलने को कहा था। जिस समय हमारी घोडे वाले से बात हुई थी, उस समय हमारा इरादा पुरने रुकने का ही था लेकिन बाद में अन्धेरा हो गया तो इरादा बदल गया और हम चा रुक गये। हालत हमारी तब ऐसी थी कि हम इस वाकये को भूल गये।
अब आगे क्या हुआ, यह भी जान लीजिये। वो घोडे वाला तेंगजे का था जो पुरने से भी करीब 15 किलोमीटर आगे है। वह पहले अपने घर गया। उसे पुरने तक पहुंचने में ही अन्धेरा हो गया होगा। अपने घर वह कम से कम दस ग्यारह बजे रात को पहुंचा होगा। फिर रात को ही वहां से पुरने लौट आया और सुबह हमें ढूंढने लगा। लेकिन हम वहां होते तो उसे मिलते भी। तब हम चा में थे और फुकताल जाने वाले थे। वह हमें ढूंढता रहा लेकिन हम नहीं मिले। फिर दोपहर को प्रकाश जी और विधान का सामान लेकर एक आदमी पुरने गया। आपको याद होगा कि हमने आठ सौ रुपये में सामान चा से पुरने पहुंचाने के लिये एक आदमी को कहा था और खाली हाथ फुकताल चले गये थे। उस आदमी ने वहां हमारे बारे में बताया। उससे हमने किसी घोडे वाले को तैयार करने को भी कहा था। उसने एक घोडे वाले को तैयार कर दिया। अब पुरने में दो घोडे वाले ऐसे हो गये जो हमारा इंतजार कर रहे थे।

Wednesday, January 7, 2015

अदभुत फुकताल गोम्पा

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   जब भी विधान खुश होता था, तो कहता था- चौधरी, पैसे वसूल हो गये। फुकताल गोम्पा को देखकर भी उसने यही कहा और कई बार कहा। गेस्ट हाउस से इसकी दूरी करीब एक किलोमीटर है और यहां से यह विचित्र ढंग से ऊपर टंगा हुआ दिखता है। इसकी आकृति ऐसी है कि घण्टों निहारते रहो, थकोगे नहीं। फिर जैसे जैसे हम आगे बढते गये, हर कदम के साथ लगता कि यह और भी ज्यादा विचित्र होता जा रहा है।

   गोम्पाओं के केन्द्र में एक मन्दिर होता है और उसके चारों तरफ भिक्षुओं के कमरे होते हैं। आप पूरे गोम्पा में कहीं भी घूम सकते हैं, कहीं भी फोटो ले सकते हैं, कोई मनाही व रोक-टोक नहीं है। बस, मन्दिर के अन्दर फोटो लेने की मनाही होती है। यह मन्दिर असल में एक गुफा के अन्दर बना है। कभी जिसने भी इसकी स्थापना की होगी, उसी ने इस गुफा में इस मन्दिर की नींव रखी होगी। बाद में धीरे-धीरे यह विस्तृत होता चला गया। भिक्षु आने लगे और उन्होंने अपने लिये कमरे बनाये तो यह और भी बढा। आज इसकी संरचना पहाड पर मधुमक्खी के बहुत बडे छत्ते जैसी है। पूरा गोम्पा मिट्टी, लकडी व पत्थरों का बना है। जांस्कर में बारिश नहीं होती इसलिये मिट्टी का बना होने के बावजूद भी यह अभी तक टिका है।

Monday, January 5, 2015

डायरी के पन्ने- 28

ध्यान दें: डायरी के पन्ने यात्रा-वृत्तान्त नहीं हैं।

1. पता है कुछ ही दिन पहले तक इस पोस्ट का शीर्षक क्या था? इसका शीर्षक था- डायरी के पन्ने- आखिरी भाग। इसमें कुछ नहीं लिखा था, बस जो बचे-खुचे फोटो थे, मित्रों ने भेज रखे थे चर्चा के लिये, उन्हें ज्यों का त्यों लगा दिया था बिना किसी कैप्शन के, बिना किसी चर्चा के। फिर अब ख्याल आया कि महीने में दो बार डायरी के पन्ने छपते हैं, यानी सालभर में चौबीस पोस्ट ऐसे ही हो जाती हैं बिना किसी यात्रा के। अब तो फोटो-चर्चा भी शुरू कर रहा हूं।
असल में डायरी के पन्ने लिखने में समय बहुत कम लगता है और फोटो चर्चा में तो और भी कम। किसी यात्रा-वृत्तान्त के मुकाबले बहुत ही कम। और इन्हें पसन्द भी किया जाता है। यात्रा-वृत्तान्त में पहले यात्रा करो, फिर वापस आकर थकान उतारो और फिर लिखना शुरू करो। फोटो का चुनाव करो, उन्हें एडिट करो। डायरी में ऐसा कुछ नहीं है। पन्द्रह दिन में दो घण्टे लगते हैं और एक अच्छी-खासी डायरी तैयार। और फोटो चर्चा में? मित्र लोग फोटो भेज देते हैं। न उनका चुनाव करने का झंझट, न एडिटिंग का झंझट; बस फोटो अपलोड करके चार लाइनें लिख दो, किसी की वाहवाही कर दो, किसी में कमी निकाल दो, किसी को सुझाव दे दो और काम खत्म।

Friday, January 2, 2015

फुकताल गोम्पा की ओर

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सुबह आठ बजे आंख खुली। आज हम जमकर सोये। रात ही तय हो गया था कि आज क्या करना है। तय ये हुआ था कि आज एक आदमी विधान और प्रकाश जी का सामान लेकर पुरने जायेगा। मैं अपना सामान अपने साथ ही रखूंगा। वे दोनों खाली हाथ फुकताल गोम्पा जायेंगे और शाम को पुरने में सामान ले लेंगे। चा से पुरने लगभग दो किलोमीटर है। सारा ढलान है, फिर भी उस आदमी ने सामान के आठ सौ रुपये मांगे। मजबूरी थी इसलिये देने पडे। साथ ही उसे यह भी बता दिया कि पुरने जाकर घोडे या खच्चर का इंतजाम करके रखना। हमें उनकी सख्त आवश्यकता थी।
पिछली पोस्ट में बताया था कि पुरने में सारप में एक नदी और आकर मिलती है। यह नदी शिंगो-ला से आती है, इसलिये चलिये इसे सुविधा के लिये शिंगो नदी कह देते हैं। सारप नदी बारालाचा-ला से निकलती है और सरचू होते हुए लम्बा चक्कर लगाकर यहां तक आती है। हमें शिंगो-ला जाने के लिये पुरने में सारप को छोड देना है और अपना सफर शिंगो नदी के साथ साथ तय करना है। लेकिन पुरने से पांच किलोमीटर दूर सारप नदी की घाटी में अदभुत फुकताल गोम्पा है। हम फुकताल गोम्पा को अवश्य देखना चाहते थे। उसके लिये सबसे प्रचलित और सुविधाजनक रास्ता पुरने से जाता है। उधर हम पुरने नहीं पहुंचे थे, उससे कुछ पहले चा में थे। गोम्पा का एक रास्ता चा से भी जाता है। चा वाला रास्ता सारप नदी के इस तरफ से है तो पुरने वाला उस तरफ से। हम इस तरफ से फुकताल जायेंगे और उस तरफ वाले रास्ते से होते हुए पुरने चले जायेंगे। पुरने में हमें सामान भी मिल जायेगा और घोडे भी। अच्छा हां, हम इस बात को भूल ही गये थे कि कल हमने एक घोडे वाले से भी बात की थी और उसे पुरने मिलने को कहा था। अब वह हमें पुरने में ढूंढ रहा होगा। चलिये, उसका किस्सा बाद में बताऊंगा।

Thursday, January 1, 2015

रेलयात्रा सूची: 2015

2005-2007 | 2008 | 2009 | 2010 | 2011 | 2012 | 2013 | 2014 | 2015 | 2016 | 2017

क्रम संकहां सेकहां तकट्रेन नंट्रेन नामदूरी
(किमी)
कुल दूरीदिनांकश्रेणीगेज
1दिल्ली शाहदरामेरठ छावनी19031अहमदाबाद-हरिद्वार मेल6612969201/03/2015साधारणब्रॉड
2मेरठ छावनीदिल्ली शाहदरा54472ऋषिकेश- दिल्ली पै6612975801/03/2015साधारणब्रॉड
3दिल्ली सराय रोहिल्लापठानकोट छावनी22401दिल्ली सराय- ऊधमपुर एसी47913023709/03/2015थर्ड एसीब्रॉड
4पठानकोटज्वालामुखी रोड52465पठानकोट- बैजनाथ पैसेंजर12413036110/03/2015साधारणनैरो
5पठानकोटअमृतसर54614पठानकोट- अमृतसर पै10613046713/03/2015साधारणब्रॉड
6अमृतसरपठानकोट54615अमृतसर- पठानकोट पै10613057313/03/2015साधारणब्रॉड
7पठानकोट छावनीसब्जी मण्डी11078झेलम एक्स47713105013/03/2015थर्ड एसीब्रॉड
8दिल्लीहोशियारपुर14011दिल्ली- होशियारपुर एक्स40213145216/03/2015शयनयानब्रॉड
9जालंधर शहरपठानकोट74901जालंधर- पठानकोट डीएमयू11513156717/03/2015साधारणब्रॉड
10पठानकोटजम्मू तवी04991पठानकोट- जम्मू स्पेशल9913166617/03/2015साधारणब्रॉड
11जम्मू तवीश्री माता वैष्णों देवी कटडा74907जम्मू- कटडा डीएमयू7713174317/03/2015साधारणब्रॉड
12श्री माता वैष्णों देवी कटडासब्जी मण्डी22462श्री शक्ति एसी एक्स65513239817/03/2015थर्ड एसीब्रॉड
13दिल्ली सराय रोहिल्लाफर्रूखनगर74033दिल्ली सराय रोहिल्ला-फर्रूखनगर डीएमयू4713244524/03/2015साधारणब्रॉड
14फर्रूखनगरगढी हरसरू74034फर्रूखनगर-गढी हरसरू डीएमयू1113245624/03/2015साधारणब्रॉड
15गढी हरसरूरेवाडी54412मेरठ छावनी-रेवाडी पैसेंजर4213249824/03/2015साधारणब्रॉड
16रेवाडीभिवानी54751रेवाडी-श्रीगंगानगर डीएमयू8213258024/03/2015साधारणब्रॉड
17भिवानीरोहतक54018भिवानी-रोहतक पैसेंजर5013263024/03/2015साधारणब्रॉड
18रोहतकदिल्ली किशनगंज54034जींद-दिल्ली पैसेंजर6713269724/03/2015साधारणब्रॉड
19सब्जी मण्डीनई दिल्ली12476जम्मू हापा एक्स413270129/06/2015साधारणब्रॉड
20दिल्ली किशनगंजबठिण्डा54641दिल्ली-फिरोजपुर पैसेंजर29513299608/07/2015साधारणब्रॉड
21बठिण्डाजोधपुर19224जम्मू तवी-अहमदाबाद एक्स60013359608/07/2015शयनयानब्रॉड
22जोधपुरभीलडी54821जोधपुर-भीलडी पैसेंजर30313389909/07/2015साधारणब्रॉड
23पाटनमहेसाना59478पाटन-महेसाना पैसेंजर4013393909/07/2015साधारणब्रॉड
24महेसानावीरमगाम59509महेसाना-वीरमगाम पैसेंजर6513400410/07/2015साधारणब्रॉड
25वीरमगामराजकोट59503वीरमगाम-ओखा पैसेंजर18213418610/07/2015साधारणब्रॉड
26राजकोटअहमदाबाद19222सोमनाथ एक्स24713443310/07/2015शयनयानब्रॉड
27अहमदाबादमारवाड54804अहमदाबाद-जोधपुर पैसेंजर35613478911/07/2015साधारणब्रॉड
28मारवाडअजमेर18421पुरी-अजमेर एक्स14013492911/07/2015साधारणब्रॉड
29अजमेरदिल्ली सराय रोहिल्ला12982चेतक एक्स37213530111/07/2015शयनयानब्रॉड
30सब्जी मण्डीकुरुक्षेत्र64465नई दिल्ली-कुरुक्षेत्र ईएमयू15313545429/07/2015साधारणब्रॉड
31कुरुक्षेत्रअम्बाला छावनी74993कुरुक्षेत्र-अम्बाला छावनी डीएमयू4113549529/07/2015साधारणब्रॉड
32अम्बाला छावनीसहारनपुर54540अम्बाला छावनी-निजामुद्दीन पैसेंजर8113557629/07/2015साधारणब्रॉड
33सहारनपुरअम्बाला छावनी14521दिल्ली-अम्बाला एक्स8113565729/07/2015साधारणब्रॉड
34अम्बाला छावनीलुधियाना12469कानपुर-जम्मू एक्स11413577130/07/2015साधारणब्रॉड
35लुधियानाहिसार54636लुधियाना-हिसार पैसेंजर20913598030/07/2015साधारणब्रॉड
36हिसारनई दिल्ली12556गोरखधाम एक्स18113616130/07/2015साधारणब्रॉड
37दिल्लीराजा की मण्डी51902दिल्ली-आगरा पैसेंजर19313635431/07/2015साधारणब्रॉड
38राजा की मण्डीहजरत निजामुद्दीन12807समता एक्स18413653831/07/2015साधारणब्रॉड
39दिल्ली शाहदरामेरठ छावनी54505दिल्ली-अम्बाला पैसेंजर6613660411/08/2015साधारणब्रॉड
40मेरठ छावनीगाजियाबाद14682जालंधर-नई दिल्ली एक्स5213665613/08/2015साधारणब्रॉड
41गाजियाबाददिल्ली शाहदरा64583टुण्डला-दिल्ली ईएमयू1413667013/08/2015साधारणब्रॉड
42हजरत निजामुद्दीनग्वालियर12808समता एक्स30613697618/08/2015शयनयानब्रॉड
43ग्वालियरभिण्ड59825ग्वालियर-भिण्ड पैसेंजर8713706318/08/2015साधारणब्रॉड
44भिण्डग्वालियर59822भिण्ड-कोटा पैसेंजर8713715018/08/2015साधारणब्रॉड
45ग्वालियरगुना51884ग्वालियर-बीना पैसेंजर22713737719/08/2015साधारणब्रॉड
46गुनाउज्जैन19168साबरमती एक्स25513763219/08/2015साधारणब्रॉड
47उज्जैनलक्ष्मीबाई नगर11703रीवा-इंदौर एक्स7513770719/08/2015साधारणब्रॉड
48इंदौरभोपाल22184डबल डेकर एक्स21813792526/08/2015चेयरकारब्रॉड
49भोपालनई दिल्ली12192जबलपुर-नई दिल्ली एक्स70113862626/08/2015शयनयानब्रॉड
50हजरत निजामुद्दीनसवाई माधोपुर12060जनशताब्दी एक्स35013897613/10/2015सेकण्ड सीटिंगब्रॉड
51सवाई माधोपुरपीपाड़ रोड़54811भोपाल-जोधपुर पैसेंजर39613937214/10/2015साधारणब्रॉड
52पीपाड़ रोड़बिलाडा54825जोधपुर-बिलाडा पैसेंजर4113941314/10/2015साधारणब्रॉड
53जोधपुरमेड़ता रोड़54812जोधपुर-भोपाल पैसेंजर10513951815/10/2015साधारणब्रॉड
54पुष्करअजमेर59608पुष्कर-अजमेर पैसेंजर3113954915/10/2015साधारणब्रॉड
55अजमेरदिल्ली19609अजमेर-हरिद्वार एक्स44213999115/10/2015शयनयानब्रॉड
56दिल्लीरेवाड़ी15014रानीखेत एक्स8214007316/10/2015साधारणब्रॉड
57रेवाड़ीअस्थल बोहर74015रेवाड़ी-रोहतक डीएमयू7514014816/10/2015साधारणब्रॉड
58अस्थल बोहरदिल्ली किशनगंज74014कुरुक्षेत्र-दिल्ली डीएमयू6114020916/10/2015साधारणब्रॉड
59हजरत निजामुद्दीनसवाई माधोपुर12904स्वर्ण मंदिर मेल34914055820/10/2015शयनयानब्रॉड
60श्योपुर कलांग्वालियर52172श्योपुर कलां-ग्वालियर पैसेंजर20014075821/10/2015साधारणनैरो
61ग्वालियरदिल्ली सराय रोहिल्ला14623पातालकोट एक्स32514108321/10/2015शयनयानब्रॉड
62नई दिल्लीसाहिबाबाद64434ईएमयू1814110116/11/2015साधारणब्रॉड
63दिल्ली सराय रोहिल्लाआमला14624पातालकोट एक्स93514203622/11/2015शयनयानब्रॉड
64आमलाछिन्दवाडा51253आमला-छिन्दवाडा पैसेंजर11514215123/11/2015साधारणब्रॉड
65छिन्दवाडासिवनी58853छिन्दवाडा-नैनपुर पैसेंजर6414221523/11/2015साधारणनैरो
66छिन्दवाडानागपुर58840नैनपुर-नागपुर पैसेंजर14714236224/11/2015सेकण्ड सीटिंगनैरो
67नागपुररामटेक58810नागपुर-रामटेक पैसेंजर4214240425/11/2015साधारणब्रॉड
68रामटेकइतवारी58809रामटेक-इतवारी पैसेंजर3814244225/11/2015साधारणब्रॉड
69इतवारीनागभीड़58845नागपुर-नागभीड़ पैसेंजर10614254825/11/2015साधारणनैरो
70नागभीड़गोंदिया58801बल्हारशाह-गोंदिया पैसेंजर13114267925/11/2015साधारणब्रॉड
71गोंदियाबालाघाट78803गोंदिया-कटंगी डीएमयू4014271926/11/2015साधारणब्रॉड
72बालाघाटनैनपुर58867बालाघाट-नैनपुर पैसेंजर7714279626/11/2015साधारणनैरो
73नैनपुरमंडला फोर्ट58859नैनपुर-मंडला फोर्ट पैसेंजर4314283926/11/2015साधारणनैरो
74जबलपुरइटारसी51190इलाहांबाद-इटारसी पैसेंजर24514308427/11/2015साधारणब्रॉड
75इटारसीनई दिल्ली12192जबलपुर-नई दिल्ली एक्स79214387627/11/2015शयनयानब्रॉड

नोट: दूरी दो-चार किलोमीटर ऊपर-नीचे हो सकती है।
भूल चूक लेनी देनी

कुछ और तथ्य:
कुल यात्राएं: 772 बार
कुल दूरी: 143876 किलोमीटर

पैसेंजर ट्रेनों में: 42526 किलोमीटर (421 बार)
मेल/एक्सप्रेस में: 47163 किलोमीटर (239 बार)
सुपरफास्ट में: 54187 किलोमीटर (112 बार)

ब्रॉड गेज से: 139333 किलोमीटर (733 बार)
मीटर गेज से: 2657 किलोमीटर (19 बार)
नैरो गेज से: 1886 किलोमीटर (20 बार)

बिना आरक्षण के: 66825 किलोमीटर (647 बार)
शयनयान (SL) में: 66581 किलोमीटर (102 बार)
सेकंड सीटिंग (2S) में: 2592 किलोमीटर (9 बार)
थर्ड एसी (3A) में: 6517 किलोमीटर (9 बार)
एसी चेयरकार (CC) में: 1361 किलोमीटर (5 बार)

4000 किलोमीटर से ज्यादा: 1 बार
1000 से 3999 किलोमीटर तक: 17 बार
500 से 999 किलोमीटर तक:  40 बार
100 से 499 किलोमीटर तक: 292 बार
50 से 99 किलोमीटर तक (अर्द्धशतक): 257 बार

किस महीने में कितनी यात्रा
महीनापैसेंजरमेल/एक्ससुपरफास्टकुल योग
जनवरी1769206925246362
फरवरी47904697490514392
मार्च40282832519912059
अप्रैल1819295412276000
मई2964131423136591
जून1393162545337551
जुलाई42124669481313694
अगस्त6680130931576335536
सितम्बर3831186237449437
अक्टूबर60684784575816610
नवम्बर3098247518127385
दिसम्बर1874478915968259